नमस्कार दोस्तों,बच्चों की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं | 7 असरदार तरीके | How To Increase Immunity In Kids | इस ब्लॉग में आपका स्वागत है |

हर माता-पिता की यह इच्छा होती है कि उनका बच्चा स्वस्थ, तंदुरुस्त और बीमारियों से दूर रहे। लेकिन बदलते मौसम, खानपान में गिरावट, और बाहर खेलने की घटती आदतें बच्चों की इम्यूनिटी यानी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करती हैं। जब इम्यूनिटी कमजोर होती है, तो बच्चे बार-बार बीमार पड़ते हैं और उनकी ग्रोथ पर असर पड़ता है। इसी समस्या का समाधान देते हैं ।
आइए जानते हैं बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के 7 प्रभावशाली और वैज्ञानिक तरीकों के बारे में, जिन्हें हर पेरेंट्स को अपनाना चाहिए। Increase Immunity In Kids |
1. बच्चों को दें ताजे फल और सब्ज़ियां (Fresh Fruits & Vegetables)
बच्चों की सेहत और इम्यूनिटी के लिए यह क्यों जरूरी है?
ताजे फल और सब्ज़ियां बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। इनमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर को मज़बूत बनाते हैं और बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ाते हैं। जब बच्चे ताजे फल और सब्ज़ियां खाते हैं, तो उनके शरीर में मौजूद कीटाणुओं और वायरस से लड़ने की क्षमता बेहतर होती है, जिससे वे कम बीमार पड़ते हैं और उनकी सेहत अच्छी बनी रहती है।
बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए क्या करें?
बच्चों को हमेशा मौसम के अनुसार ताजे फल जैसे सेब, संतरा, पपीता, आम, तरबूज और अंगूर खाने को दें। इसके साथ ही सब्ज़ियां जैसे गाजर, पालक, टमाटर और खीरा अच्छी तरह धोकर कच्ची हालत में देने की आदत डालें। जब हम खाना ज़्यादा पकाते हैं, तो उसमें मौजूद ज़रूरी पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। इसलिए कोशिश करें कि बच्चों को कम से कम पका हुआ और ज़्यादा से ज़्यादा प्राकृतिक और ताज़ा खाना दें, जिससे उनकी सेहत अच्छी बनी रहे।
2. धूप में कुछ समय जरूर बिताएं (Exposure to Sunlight for Vitamin D)
यह जानना क्यों जरूरी है?
धूप हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। जब बच्चे रोज़ थोड़ी देर धूप में खेलते हैं या समय बिताते हैं, तो उनके शरीर में विटामिन D बनता है। यह विटामिन उनके शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत यानी इम्यूनिटी को बढ़ाता है। इसके साथ ही विटामिन D हड्डियों को मजबूत करता है और बच्चों की नींद की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है, जिससे वे ताज़ा और एक्टिव महसूस करते हैं।
हमें क्या करना चाहिए?
बच्चों की सेहत के लिए रोज़ाना थोड़ी देर धूप में रहना बहुत ज़रूरी है। उन्हें सुबह की हल्की धूप में करीब 15 से 20 मिनट तक खेलने देना चाहिए, जिससे उनके शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन D मिल सके। इस दौरान बच्चों को ऐसे हल्के और सिंपल कपड़े पहनाएं, जिससे उनकी त्वचा सीधे धूप के संपर्क में आ सके। साथ ही, उन्हें टीवी और मोबाइल से दूर रखें और बाहर खेलने, दौड़ने या कोई आउटडोर एक्टिविटी करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे उनकी सेहत में सुधार होगा और इम्यूनिटी भी मजबूत बनेगी।
3. स्वच्छता और हाइजीन की आदतें सिखाएं (Good Hygiene Habits)
इसे समझना क्यों ज़रूरी है?
अगर बच्चों के हाथ, नाखून और शरीर साफ नहीं रहते, तो उन पर गंदगी और कीटाणु जमा हो जाते हैं। ये कीटाणु जब बच्चे अपने हाथ मुंह में डालते हैं या खाना खाते हैं, तो शरीर के अंदर चले जाते हैं। इससे बच्चों को बार-बार इंफेक्शन होने लगता है, जैसे पेट की खराबी, सर्दी-खांसी या बुखार। इसलिए साफ-सफाई की अच्छी आदतें शुरू से ही बच्चों को सिखाना बहुत ज़रूरी होता है।
सही कदम क्या हैं?
बच्चों को साफ-सफाई की अच्छी आदतें बचपन से ही सिखाना बहुत जरूरी होता है। उन्हें हमेशा यह सिखाएं कि खाना खाने से पहले और टॉयलेट के बाद अच्छे से हाथ धोएं। उनके नाखून हफ्ते में दो से तीन बार जरूर काटें, क्योंकि लंबे नाखूनों में गंदगी और कीटाणु छिप जाते हैं। बच्चों को रोज़ नहलाएं और नहाते समय शरीर के छुपे हुए हिस्सों जैसे गर्दन, कान के पीछे, अंडरआर्म्स आदि को अच्छे से साफ करें। जब फ्लू का मौसम हो या बच्चा भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जा रहा हो, जैसे स्कूल बस या बाज़ार, तब उसे मास्क पहनाना भी ज़रूरी है, ताकि वह इंफेक्शन से बचा रहे।
आदिक जानकारी के लिए इस विडियो को जरुर देखे।
4. शिशु को 6 महीने तक केवल मां का दूध दें (Exclusive Breastfeeding till 6 Months)
यह इतना ज़रूरी क्यों है?
मां का दूध नवजात शिशु के लिए सबसे पहला और सबसे ताकतवर सुरक्षा कवच होता है। इसमें ऐसे खास तत्व होते हैं जिन्हें एंटीबॉडीज कहा जाता है। ये एंटीबॉडीज बच्चे के शरीर में जाकर उसे कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं और उसकी रोगों से लड़ने की ताकत को बढ़ाते हैं। इसलिए जन्म के बाद पहले छह महीने तक सिर्फ मां का दूध देना बच्चे की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी होता है।
बच्चे की सेहत के लिए क्या करें?
जन्म के बाद पहले छह महीने तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। इस दौरान न तो बच्चे को पानी पिलाना चाहिए और न ही कोई और दूध या ठोस आहार देना चाहिए, क्योंकि मां का दूध ही उसके लिए पूरी तरह पर्याप्त होता है। मां की अपनी सेहत भी अच्छी रहनी चाहिए, ताकि उसके दूध में सभी ज़रूरी पोषक तत्व मौजूद रहें। शोधों से यह साबित हुआ है कि जो बच्चे छह महीने तक केवल ब्रेस्टफीडिंग पर रहते हैं, उन्हें डायरिया, निमोनिया, एलर्जी और अन्य आम बीमारियां बहुत कम होती हैं। इससे उनकी इम्यूनिटी प्राकृतिक रूप से मजबूत होती है और उनका विकास भी बेहतर होता है।
5. बच्चों का समय पर वैक्सीनेशन कराएं (Proper Vaccination)
वैक्सीन बच्चों की सुरक्षा के लिए एक तरह की ढाल होती है। जब बच्चों को समय पर टीके लगाए जाते हैं, तो उनका शरीर आने वाले संक्रमणों से पहले ही लड़ने के लिए तैयार हो जाता है। वैक्सीन शरीर को यह सिखाती है कि अगर कोई बीमारी पैदा करने वाला कीटाणु अंदर आए, तो उसे कैसे पहचानकर खत्म करना है। इससे बच्चों को पोलियो, टेटनस, निमोनिया और मीज़ल्स जैसी कई गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। समय पर वैक्सीनेशन करवाना बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत बनाने का एक सुरक्षित और असरदार तरीका है।
क्या करें?
बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे फ्री टीकाकरण कार्यक्रमों में समय पर भाग लेना बहुत जरूरी है। ये टीके कई गंभीर बीमारियों से बच्चों को बचाते हैं और उनकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं। अगर आपकी स्थिति अनुमति देती है, तो निजी अस्पतालों में उपलब्ध अतिरिक्त टीकों जैसे रोटा वायरस, हेपेटाइटिस A और फ्लू वैक्सीन भी ज़रूर लगवाएं, क्योंकि ये अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करते हैं। टीकाकरण की तारीखें और पूरा शेड्यूल ध्यान से फॉलो करें, ताकि कोई डोज छूट न जाए। वैक्सीनेशन को लेकर अगर कोई भी शंका हो, तो डॉक्टर से सलाह लें और किसी भी अफवाह या भ्रम में न पड़ें।
6. फिजिकल एक्टिविटी को दें बढ़ावा (Encourage Physical Activity)
क्यों जरूरी है?
बच्चों के लिए रोज़ाना शारीरिक गतिविधियां करना बहुत जरूरी होता है। जब वे खेलते, दौड़ते या कोई एक्सरसाइज करते हैं, तो उनका शरीर अंदर से मजबूत बनता है। इससे उनकी रोगों से लड़ने की ताकत यानी इम्यूनिटी बढ़ती है। साथ ही उनकी मांसपेशियां, सहनशक्ति (स्टेमिना), हार्मोन संतुलन और नींद की गुणवत्ता भी बेहतर हो जाती है। खेलकूद से बच्चे मानसिक रूप से भी खुश और एक्टिव रहते हैं, जो उनके संपूर्ण विकास के लिए फायदेमंद होता है।
क्यों जरूरी है?
बच्चों की अच्छी सेहत और इम्यूनिटी के लिए यह ज़रूरी है कि वे हर दिन कुछ समय शारीरिक गतिविधियों में बिताएं। पेरेंट्स को चाहिए कि वे रोजाना अपने बच्चों के साथ 15 से 30 मिनट तक कोई खेल जरूर खेलें, जैसे फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन या रस्सी कूद। इन गतिविधियों से बच्चों का शरीर एक्टिव रहता है और उनकी रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। कोशिश करें कि बच्चे मोबाइल, टीवी या वीडियो गेम्स में ज्यादा समय न बिताएं, क्योंकि इससे उनका शारीरिक विकास रुकता है। बाहर खेलने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे दूसरों के साथ मिल-जुलकर रहना भी सीखते हैं।
7. अच्छी नींद दिलाना बहुत ज़रूरी (Ensure Proper Sleep)
क्यों जरूरी है?
जब बच्चे गहरी नींद में होते हैं, तब उनके शरीर में ग्रोथ हार्मोन और इम्यून सेल्स सक्रिय रूप से काम करते हैं। ग्रोथ हार्मोन बच्चों की लंबाई, वजन और संपूर्ण विकास के लिए जरूरी होता है, वहीं इम्यून सेल्स शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। इसलिए बच्चों को रोज़ाना पूरी और गहरी नींद मिलना बहुत जरूरी है, क्योंकि नींद ही वह समय होता है जब उनका शरीर खुद को बेहतर बनाता है और मजबूत करता है।
क्यों जरूरी है?
बच्चों की अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि उनका सोने का एक निश्चित समय तय किया जाए। रोज़ एक ही समय पर उन्हें सुलाने से उनकी नींद की आदत नियमित हो जाती है। सोने के कमरे का वातावरण शांत, हल्का रोशनी वाला और थोड़ा ठंडा होना चाहिए, ताकि बच्चा आराम से सो सके। उनकी उम्र के अनुसार दिनभर में 8 से 12 घंटे की नींद बहुत जरूरी है, क्योंकि इसी दौरान उनका शरीर विकसित होता है और रोगों से लड़ने की ताकत भी बढ़ती है। पूरी और अच्छी नींद से बच्चे दिनभर तरोताज़ा और एक्टिव महसूस करते हैं।

बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जरूरी अतिरिक्त सावधानियां
बच्चों को धूम्रपान से दूर रखना बहुत जरूरी है। अगर उनके आसपास कोई स्मोकिंग करता है, तो इसका असर उनके फेफड़ों पर पड़ता है और उनकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। यहां तक कि जो धुआं आसपास फैलता है, यानी सेकंड हैंड स्मोक, वह भी बच्चों के लिए बहुत हानिकारक होता है। इसलिए घर या बच्चों के आसपास कभी भी धूम्रपान नहीं करना चाहिए।
बच्चों को एंटीबायोटिक दवाएं कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं देनी चाहिए। गलत तरीके से दी गई एंटीबायोटिक न सिर्फ उनके शरीर पर बुरा असर डालती है, बल्कि उनकी इम्यूनिटी यानी रोगों से लड़ने की ताकत को भी कमजोर कर देती है। आगे चलकर इससे बच्चे को बार-बार बीमारियां हो सकती हैं और दवाएं असर करना बंद कर सकती हैं। इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं दें।
बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने का पूरा तरीका
बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है, बस आपको नियमित रूप से कुछ अच्छी आदतें उनके जीवन में शामिल करनी होंगी। फ्रेश फूड, विटामिन D, हाइजीन, एक्सरसाइज, वैक्सीनेशन और अच्छी नींद – ये 7 साधारण मगर प्रभावी उपाय हर माता-पिता को अपनाने चाहिए।
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